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कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट के बड़े रैकेट का पर्दाफाश, 3 अस्पतालों पर छापेमारी, लखनऊ से आते थे डॉक्टर

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Mar 30, 2026 08:51 pm IST,  Updated : Mar 30, 2026 08:51 pm IST

किडनी के जरूरतमंद मरीज से कई लाख रुपये वसूले जाते थे, लेकिन किडनी देने वाले व्यक्ति को बेहद कम पैसा मिलता था। मोटी रकम बिचौलिए और ट्रांसप्लांट करने वाले अस्पताल रख लेते थे।

Kanpur Hospital raid- India TV Hindi
कानपुर के तीन अस्पतालों में छापेमारी Image Source : REPORTER INPUT

कानपुर में स्वास्थ्य विभाग, विजिलेंस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने किडनी तस्करी के एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के रैकेट का भंडाफोड़ किया है। शहर के तीन प्रमुख अस्पतालों में एक साथ छापेमारी कर प्रशासन ने इस काले कारोबार की जड़ें हिला दी हैं। संयुक्त टीम ने कल्याणपुर के मेड लाइफ हॉस्पिटल, रावतपुर स्थित आहूजा हॉस्पिटल और पनकी रोड के प्रिया हॉस्पिटल में ताबड़तोड़ छापेमारी की। जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस ने आहूजा हॉस्पिटल की मालकिन डॉ. प्रीति आहूजा, उनके पति डॉ सुरजीत सिंह आहूजा और एक सक्रिय दलाल शिवम अग्रवाल उर्फ 'काना' को हिरासत में लिया है।

​सामने आया लखनऊ कनेक्शन

जांच में पता चला है कि किडनी ट्रांसप्लांट की जटिल सर्जरी करने के लिए लखनऊ से डॉक्टरों की एक विशेष टीम कानपुर आती थी और आहूजा हॉस्पिटल के ऑपरेशन थिएटर का उपयोग करती थी। इसके लिए डॉक्टरों को लाखों रुपये मिलते थे। किडनी लेने वाले से कई लाख रुपये लिए जाते थे, जबकि किडनी देने वाले को बेहद कम पैसे मिलते थे। मोटी रकम डॉक्टरों, अस्पतालों और बिचौलिए के बीच बांटी जाती थी।

मरीज से 60 लाख वसूले, डोनर को सिर्फ 9.5 लाख मिले

किडनी लेने वाला युवक आयुष उत्तराखंड का रहने वाला है। वह प्रिया हॉस्पिटल में भर्ती मिला। वहीं, किडनी देने वाला युवक मेरठ का रहने वाला है। वह मेड लाइफ हॉस्पिटल में भर्ती है। डोनर को किडनी के बदले करीब 9.5 लाख रुपये दिए गए, जबकि किडनी लेने वाले मरीज से 60 लाख रुपये तक वसूले गए। 

कई बड़े अस्पतालों का नाम आ सकता है सामने

​फिलहाल सीएमओ, विजिलेंस और एसटीएफ की टीमें दस्तावेजों को खंगाल रही हैं। इस मामले में कई बड़े सफेदपोश चेहरों और बाहरी डॉक्टरों के शामिल होने की आशंका है। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि अब तक कितने लोगों को इस रैकेट का शिकार बनाया जा चुका है। यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था पर गहरे सवाल खड़े करती है। पुलिस की जांच जारी है और आने वाले समय में कुछ और बड़े अस्पतालों के नाम सामने आ सकते हैं।

(कानपुर से ज्ञानेंद्र शुक्ला की रिपोर्ट)

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